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76: जीत ही लेंगे एक दिन लड़ते-लड़ते: नीलोत्पल मृणाल

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76: जीत ही लेंगे एक दिन लड़ते-लड़ते: नीलोत्पल मृणाल

De: Storytel India
Narrado por: Storytel Hindi
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Acerca de este título

कोरोना क्राइसिस के समय में यह हमारा दसवाँ पॉडकास्ट है. महामारी से सबसे ज्यादा हैरान परेशान वो गरीब मजूदर हैं जो शहरों से गांवों की तरफ पलायन कर रहे हैं. ऐसे मुश्किल वक्त में कुछ लेखक अपने सामाजिक सरोकारों को समझते हुए सामने आ रहे हैं और जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं. वे वालेंटियर बन कर उन तक राशन, दवाएं और दूसरी जरूरी चीजें उन तक पहुंचा रहे हैं. हिन्दी के बेस्ट सेलर राइटर और गीतकार नीलोत्पल मृणाल उनमें से एक हैं. इन दिनों नीलोत्पल अपने झारखंड स्थित अपने गांव, दुमका में लोगों की मदद कर रहे हैं. वे लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने, गांव में बाहर से आये लोगों को क्वारंटाइन सेंटर भेजने और उन लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं. साथ ही सरकार से मिलने वाली सुविधाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे है. वो एक वालेंटियर के रूप में अपनी टीम के साथ जमीन पर मुस्तैदी से डटे हुए हैं. इन्होंने इस पॉडकास्ट में अपने काम, चुनौतियों और भविष्य पर इसके पड़ने वाले प्रभाव के बारे में खुलकर और बेहद दिलचस्प ढंग से बात की है. आप हमारे साथ ज़रूर साझा करें कि आपको 'बोलती किताबें' कैसा लग रहा है और आप इसमें क्या सुनना पसंद करेंगे? email: support@storytel.in (mailto:support@storytel.in) स्टोरीटेल सब्सक्राइब करने के लिए यहाँ (https://www.storytel.com/hindi) जाएँ. आप घर पर रहिए, अपना ख़याल रखिए, हो सके तो रोज़ कोई किताब सुनिए या पढ़िए. कोरोना संकट के दौरान हमारे अन्य पॉडकास्ट: 9. कब तक बन सकता है कोरोना का वैक्सीन जानिये वैज्ञानिक सुषमा नैथानी से https://audioboom.com/posts/7577075- 8. सैकड़ों जरूरतमंद लोगों तक राशन पहुँचा रहे हैं लेखक ललित कुमार https://audioboom.com/posts/7572101- 7. इंदौर के किसी सरकारी कर्मचारी ने छुट्टी का सोचा भी नहीं है: कैलाश वानखेड़े https://audioboom.com/posts/7569617- 6.©2020 Storyside IN (P)2020 Storyside IN Arte Entretenimiento y artes escénicas
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