Prime Day

Como cliente Amazon Prime obtén 3 meses de Audible gratis

Diseño de la portada del título Maine Gandhi Ko Kyon Mara? [Why I Killed Gandhi?]

Maine Gandhi Ko Kyon Mara? [Why I Killed Gandhi?]

Muestra

Escúchalo ahora gratis con tu suscripción a Audible

Prueba gratis durante 30 días
Después de los 30 días, 9,99 €/mes. Cancela tu siguiente plan mensual cuando quieras.
Disfruta de forma ilimitada de este título y de una colección con 90.000 más.
Escucha cuando y donde quieras, incluso sin conexión.
Sin compromiso. Cancela tu siguiente plan mensual cuando quieras.

Maine Gandhi Ko Kyon Mara? [Why I Killed Gandhi?]

De: Nathuram Godse
Narrado por: Viplav Marudhar
Prueba gratis durante 30 días

Después de los 30 días, 9,99 €/mes. Cancela cuando quieras.

Compra ahora por 17,99 €

Compra ahora por 17,99 €

Acerca de este título

व्यक्तिगत स्तर पर मेरे और गांधीजी के बीच कोई शत्रुता नहीं थी। वे लोग, जो पाकिस्तान-निर्माण में गांधीजी का अच्छा मकसद होने की बात कहते हैं, मुझे उनसे केवल इतना कहना है कि मैंने गांधी के विरुद्ध, जो इतना बड़ा कदम उठाया, उसमें मेरे हृदय में राष्ट्रहित का शुद्ध हेतु था। वे ऐसे व्यक्ति थे, जो बहुत सी भयावह घटनाओं के लिए जिम्मेदार थे, जिनकी परिणति पाकिस्तान निर्मिति में हुई। गांधीजी के विरुद्ध की गई अपनी काररवाई के बाद मैं भविष्य में आने वाले अपने परिणाम को देख सकता था, उन परिणामों की उम्मीद कर सकता था और मुझे एहसास था कि जिस क्षण लोगों को गांधी को मेरे द्वारा गोली मारने की घटना का पता चलेगा, उन सभी का मेरे प्रति दृष्टिकोण बदल जाएगा, फिर चाहे परिस्थितियाँ कोई भी हों।

समाज में लोगों का मेरे प्रति जो सम्मान, रुतबा और सहानुभूति है, वह समाप्त हो जाएगी, नष्ट हो जाएगी और बचा हुआ मान भी कुचल दिया जाएगा। मुझे पूरा एहसास था कि समाज में मुझे सबसे नीच और घृणित व्यक्ति के रूप में देखा जाएगा।

-इसी पुस्तक से अपने समय के सबसे बड़े नेता गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे ने अपना पक्ष प्रस्तुत करते हुए विशेष न्यायालय में बहुत विस्तृत बयान दिया, जिसमें उन्होंने क्रमवार वे कारण बताए, जिन्होंने उन्हें इतनी बड़ी घटना की परिणति करने के लिए बाध्य किया।

ये कारण तत्कालीन सामाजिक-सांस्कृतिक- राजनीतिक परिस्थितियों को भी दर्शाते हैं कि कैसे एक अल्पसंख्यक वर्ग विशेष के दबाव में निर्णय लिये जा रहे थे, जो अंतत बहुसंख्यकों के उत्पीडऩ और अस्तित्व का कारण बन जाते। इन्हीं से क्षुब्ध होकर नाथूराम गोडसे ने विश्व के सबसे चर्चित कांड को अंजाम दिया। प्रस्तुत पुस्तक गांधी-हत्याकांड में नाथूराम गोडसे का पक्ष प्रबलता से रखती है।

Please note: This audiobook is in Hindi.

©2023 Prabhat Prakashan (P)2024 Audible Singapore Private Limited
adbl_web_anon_alc_button_suppression_c
No hay reseñas aún