Prime Day

Como cliente Amazon Prime obtén 3 meses de Audible gratis

Diseño de la portada del título मगध एक खोज

मगध एक खोज

Muestra
Comenzar mi suscripción Prueba gratis durante 30 días
Oferta válida hasta el 28 de diciembre de 2026.
Después de los 30 días, 9,99 €/mes. Cancela tu siguiente plan mensual cuando quieras.
Ahorra más del 90% en tus primeros 3 meses.
Escucha todo lo que quieras de entre miles de audiolibros y Originals incluidos.
Descarga tu audiolibro y escucha offline, sin interrupciones
Se renueva automáticamente por 9,99 €/mes después de 3 meses. Cancela mensualmente. La oferta termina el 28 de diciembre de 2026.
Disfruta de forma ilimitada de este título y de una colección con 90.000 más.
Escucha cuando y donde quieras, incluso sin conexión.
Sin compromiso. Cancela tu siguiente plan mensual cuando quieras.

मगध एक खोज

De: Hoop Entertainment, Rajnish Rao, Vivek Rao
Prueba gratis durante 30 días Prueba gratis durante 30 días

Después de los 30 días, 9,99 €/mes. Cancela cuando quieras.

Después de los 30 días, 9,99 €/mes. Cancela cuando quieras.

Ahorros de temporada | 0,99 € al mes durante los primeros 3 meses

9,99 €/mes después. Se aplican condiciones. Cancela mensualmente.
मगध एक खोज सारांश हूप एंटरटेनमेंट प्रस्तुत करते हैं, मगध: एक खोज, एक ऑडिबल एक्सक्लूसिव शो महान कूटनीतिज्ञ और राजनीतिज्ञ गुरु चाणक्य ने मौर्य वंश की बुनियाद रखी। एक छोटे से बच्चे चंद्र को अपनी शिक्षा दीक्षा के बलबूते सम्राट चंद्रगुप्त बनाया जिन्होंने नंद वंश के राजा धनानंद को मिटाकर अखंड मगध साम्राज्य की स्थापना की। ना सिर्फ़ उन्होंने युद्ध में कई विशाल राज्यों को पराजित किया बल्कि यूनानी साम्राज्य को भी उनके सामने घुटने टेकने पड़े। सम्राट बिंदुसार ने अपने पिता सम्राट चंद्रगुप्त की विरासत और साम्राज्य को बरक़रार रखा लेकिन सम्राट अशोक ने तो साम्राज्य विस्तार में इतिहास रच दिया। ये विश्व का प्रथम गणतांत्रिक साम्राज्य था जहाँ एक सामान्य व्यक्ति भी सम्राट से सीधे सम्पर्क स्थापित करके वार्तालाप कर सकता था। ये वही साम्राज्य था जिसने बौद्ध से लेकर जैन धर्म को ना सिर्फ़ संरक्षण दिया बल्कि उन्हें प्रचार प्रसार की स्वतंत्रता भी दी। विश्व इतिहास में मौर्य वंश के द्वारा स्थापित मगध साम्राज्य को सुनहरे अक्षरों में अंकित किया गया है। अस्वीकरण ये ऑडीयो सिरीज़ तथ्यों पर आधारित एक काल्पनिक लेखनी है जिसका सर्वोपरि लक्ष्य आपका मनोरंजन करना है। इसमें लिए नाम और कही बातें ऐतिहासिक रूप से सत्य तो हैं पर इसका नाट्य रूपांतरण से एक प्रारूप मनोरंजन हेतु बनाया गया है जिसका लिखित इतिहास से भिन्न होना स्वाभाविक है। इसके साथ ही साथ हमारा उद्देश्य किसी भी धर्म, संस्था, प्रथा, जाती, जन-जाति, स्त्री, पुरुष, पशु-पक्षी आदि को ठेस पहुँचाने का नहीं है। आपका धन्यवाद ! Production House Hoop Entertainment Producer Nikhil Mirchandani & Preeti Mirchandani Writer & Director Vivek Rao & Rajnish Rao Creative Director Saritaa Joshi Creative Consultant Roma Dutia Executive Producer Aishwarya Shukla Post Production Head Rajnish Rao Music & Bgm Ricky Tehra Sfx, Ambience & Foley Amit Trivedi Final Mixing Hemant Khedekar Dubbing Studio Weather Films Cast Nishant Tanwar Nitish Choubey Kabeer Singh Bishnoi Abhishek Paliwal Pranjal Trivedi Mohit Jaiswal Praveen Upadhyay Priya Gupta Arsha Goswami Anshul Dubey Rajesh Gupta Sushil Kumar Kirti Singh Rajnish Baba Ankurr Malhotra Saadhvi Chopra Poornima Sharma©2022 Hoop Entertainment PVT LTD (P)2022 Hoop Entertainment PVT LTD Novela histórica
Episodios
  • EPISODE 1 - समारंभ
    Oct 14 2022
    तक्षशिला के गुरु चाणक्य को गुरुकुल से बौद्ध और जैन गुरुवों से हुई धार्मिक विवाद में हुई कलह की वजह से निकाल दिए जाते हैं. युवा अवस्था वाले चाणक्य तक्षशिला से मगध नंद राजावों के राज्य अपनी माता की आग्रह पर आते हैं क्यूंकि उनकी आर्थिक स्तिथि ठीक नही. पर नन्द का राजा उनके विकृत पैर और लम्बें दांत देख उन्हें भिक्षा देने से इंकार कर देता है. जब चाणक्य उस से बहस कर लेते हैं तब राजा उन्हें जेल में डाल देता है
    Más Menos
    19 mins
  • EPISODE 2 - राजा धनानंद के कुकृत्य
    Oct 14 2022
    धनानंद, युवराज पब्बता के विवाह प्रस्ताव वाली राजकुमारी को अपनी अर्धांगिनी बनाने की घोषणा कर देता है. पब्बता अपने क्रोध को सभा में ही व्यक्त कर देता है. लज्जित अमात्य पब्बता के कहने पर चाणक्य से मिलता है जिनका क्रोध अभी भी शांत नहीं हुआ. धनानंद अपनी दुष्टता में एक पायदान और बढ़ते हुए उसी रात वासना में बहकर एक नर्तकी युवती को आत्मदाह करने को मजबूर कर देता है.
    Más Menos
    19 mins
  • EPISODE 3 - चाणक्य गमन
    Oct 14 2022
    धनानंद वासना में बहकर एक नर्तकी युवती को आत्मदाह करने को मजबूर कर देता है जिसकी प्रतिक्रिया में पब्बता और अमात्य राक्षस भी विद्रोह में हो जाते हैं. धनानंद को नर्तकी लड़की की हत्या पर कोई खेद नहीं होता. उसका पिता जब उसकी मृत शरीर वापस मांगता है तो वो उल्टा उसकी लाश को महल के दीवार से लटकाने का आदेश दे बैठता है. और उसके पिता के श्राप देने पर उससे स्वयं अपने हाथों से गला काट देता है. अपने पिता से अत्याधिक खिन्न होने पर पब्बता चाणक्य से मिलता है और उन्हें भाग जाने में सहायता करता है.
    Más Menos
    18 mins
adbl_web_anon_alc_button_suppression_t1
No hay reseñas aún